कसम दे दी इन अश्को को न बहना इन आँखों से
मेरे सपनो को यूँ रो-रो कर ना बहाना तुम
बहुत प्यारे है ये मुझको मेरी आखों के तारे है ,
अपने गम के सागर में इनको न डुबोना तुम
बसे है मेरे पलकों पर बड़े अरमान से सारे ,
अपने दर्द की लहरों से इनको न मिटाना तुम
बड़े सुन्दर है ये सारे मिटाने से है क्या हासिल
अपने अश्को में नहलाके तुम इनको यूँ निखारो तुम
कि जो देखे इन्हें ,बस देखते ही कह दे .
हमे भी इन आँखों का कोई सपना बना लो तुम .
मेरे सपनो को यूँ रो-रो कर ना बहाना तुम
बहुत प्यारे है ये मुझको मेरी आखों के तारे है ,
अपने गम के सागर में इनको न डुबोना तुम
बसे है मेरे पलकों पर बड़े अरमान से सारे ,
अपने दर्द की लहरों से इनको न मिटाना तुम
बड़े सुन्दर है ये सारे मिटाने से है क्या हासिल
अपने अश्को में नहलाके तुम इनको यूँ निखारो तुम
कि जो देखे इन्हें ,बस देखते ही कह दे .
हमे भी इन आँखों का कोई सपना बना लो तुम .
No comments:
Post a Comment