
जो बीत गयी सो बात गयी ...ये बात किसी ने खूब कहीं
अब क्या सोचे तू ,पड़ा-पड़ा ..उठ जाग जा अब रात गयी
कर तैयारी आगे की सब परेशानी को छोड़ परे ,वरना
फिर तू ही बोलेगा यार मेरे .. सारी मेहनत बेकार गयी
मन बाँध ले कुछ बनने की , अब तू ठान ले कुछ करने की
देख सूरज की किरणें कैसे, तेरी राहों में फ़ैल गयी
न बना बहाना कोई अब,नहीं है वक्त कुछ मनमानी की
फिर न पछताना बाद में कि मेरी उमर तो बीत गयी
चल कदम बड़ा और चलता जा ,ठोकर को ठोकर से मार भगा
फिर देख इन कदमो में दुनिया ना कैसे तूने झुका दी
कर दे अचंभित सबको तू ऐसा कोई जादू कर दे
देखते रह जाये सब कि कैसे किस्मत तेरे बस में हो गयी
मत देर लगा तू भी दौड़ लगा सबको पीछे छोड़ना है तो
अपने कदमो की धार बड़ा,रफ़्तार बड़ा वरना .....
दुनिया तुझपे हँसकर बोलेगी जो बीत गयी सो बात गयी.
No comments:
Post a Comment