नहीं चाँद आया तो
क्या बात हैं
आज सितारों को रोशन
करेंगे दीये .
ये रात काली कैसे
होगी भला
हर कोने में जब हैं
दीपक जला.
हैं दीवाली का कहना
हमसे यहीं
हो अँधेरा कही रखो दो
दीपक वहीं .
चाँद आये न आये तुम
ग़म न करो
एक दीपक आस का बस
जलाए रखो .
होंगे तारे भी खुश कि
अब क्या गिले
एक चाँद के बदले हज़ारों
दीपक मिले .

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