तुम्हे एक तारा ये जाने क्यूँ भा गया
सारे हसीं थे मुझ-से रंगीन थे
मुझमे ही ऐसा क्या पसंद आ गया
तुम चाँद थे वहाँ, थोड़ी सी देर के
बैठे थे सब वहाँ, तुमको ही घेर के
हम दूर से खड़े ये सोचते रहे,
नज़र कही से ये हमपे ही आ पड़े
पर इतने सितारों में हमारी गिनती क्या
ये सोचकर के हम खामोश रह गये
फिर हो गया वही जिसकी चाह थी हमें
तुम पास आ गये, प्यार बनके छू गये
संभले भी ना थे हम, हैरान से खड़े
ये सोचते रह गये आखिर ये हुआ क्या
तुमने उन सितारों को छोड़ कर के क्यूँ
मेरे अँधेरे को गले लगा लिया........
सारे हसीं थे मुझ-से रंगीन थे
मुझमे ही ऐसा क्या पसंद आ गया
तुम चाँद थे वहाँ, थोड़ी सी देर के
बैठे थे सब वहाँ, तुमको ही घेर के
हम दूर से खड़े ये सोचते रहे,
नज़र कही से ये हमपे ही आ पड़े
पर इतने सितारों में हमारी गिनती क्या
ये सोचकर के हम खामोश रह गये
फिर हो गया वही जिसकी चाह थी हमें
तुम पास आ गये, प्यार बनके छू गये
संभले भी ना थे हम, हैरान से खड़े
ये सोचते रह गये आखिर ये हुआ क्या
तुमने उन सितारों को छोड़ कर के क्यूँ
मेरे अँधेरे को गले लगा लिया........

sundar abhivyakti.. #teenage time ;)
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